जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने कहा: सजा हमेशा आरोप के अनुपात में हो, दलील को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए

जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने कहा: सजा हमेशा आरोप के अनुपात में हो, दलील को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए

[ad_1] सार हाईकोर्ट ने पारिवारिक न्यायालय के अर्दली की बर्खास्तगी का आदेश रद्द कर सेवाओं को किया बहाल। परिवीक्षाधीन अर्दली को पांच दिन अनधिकृत तौर पर अनुपस्थिति के लिए कर दिया गया था सेवामुक्त। कोर्ट ने कहा- अर्दली कोरोना लक्षण दिखने के बाद नहीं आया, इस दलील को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।  ख़बर सुनें ख़बर … Read more