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shiv kumar sharma: मशहूर संतूर वादक पंडित शिव कुमार शर्मा जी का निधन, पीएम मोदी सहित कई शख्सियतों ने जताया शोक पद्मभूषण से सम्मानित शर्मा का जन्म 1938 में जम्मू में हुआ था. माना जाता है कि वह पहले संगीतकार थे जिन्होंने संतूर पर भारतीय शास्त्रीय संगीत के सुर बिखेरे.

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पद्मभूषण से सम्मानित पंडित शिव कुमार शर्मा का जन्म 1938 में जम्मू में हुआ था. पंडित शिव कुमार शर्मा जी का निधन, पीएम मोदी सहित कई शख्सियतों ने जताया शोक

नई दिल्‍ली : 

shiv kumar sharma: मशहूर संतूर वादक पंडित शिव कुमार शर्मा जी का निधन, पीएम मोदी सहित कई शख्सियतों ने जताया शोक मशहूर संतूर वादक और संगीतकार पंडित शिव कुमार शर्मा का यहां मंगलवार सुबह दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया. ‘पंडितजी’ के पारिवारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी. पंडित शिवकुमार शर्मा84 वर्ष के थे. उनकी पहचान देश के जानेमाने शास्त्रीय संगीतकारों के रूप में थी. वे गुर्दे की समस्याओं से भी पीड़ित थे.शर्मा के पारिवारिक सूत्र ने बताया, “उन्हें सुबह 9 बजे दिल का दौरा पड़ा। वह ठीक थे और अगले सप्ताह भोपाल में उनका कार्यक्रम होना था. उनका नियमित डायलिसिस होता था फिर भी वह नियमित कामकाज करते रहते थे.” पंडित शिवकुमार शर्मा के निधन पर कई शख्सियतों ने शोक व्‍यक्‍त किया है, इसमें पीएम नरेंद्र मोदी, लोकसभा स्‍पीकर ओम बिरला और मशहूर सरोद वादक अमजद अली खान शामिल हैं.

पद्मभूषण से सम्मानित शर्मा का जन्म 1938 में जम्मू में हुआ था. माना जाता है कि वह पहले संगीतकार थे जिन्होंने संतूर पर भारतीय शास्त्रीय संगीत के सुर बिखेरे. संतूर जम्मू कश्मीर का एक लोक वाद्य यंत्र है. बांसुरी वादक पंडित हरि प्रसाद चौरसिया के साथ शर्मा की जोड़ी को ‘शिव-हरि’ का नाम दिया गया था. इस जोड़ी ने “सिलसिला”, “लम्हे” और “चांदनी” जैसी कई फिल्मों में संगीत दिया जिसे लोगों ने बेहद पसंद किया. शिवकुमार के बेटे राहुल शर्मा भी एक संतूर वादक हैं. 

पीएम मोदी ने अपने शोक संदेश में लिखा, ‘पंडित शिव कुमार शर्मा जी ने संतूर को वैश्विक स्‍तर पर पहचान दी. उनका संगीत आने वाली पीढ़‍ियों को मंत्रमुग्‍ध करता रहा. उनके प्रशंसकों और परिजनों के प्रति संवेदना. ओम शांति.. ‘पंडितजी के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए प्रख्यात सरोद वादक अमजद अली खान ने ट्वीट किया, “पंडित शिव कुमार शर्मा जी के निधन से एक युग का अंत हो गया. वह संतूर वादन के पुरोधा थे और उनका योगदान अतुलनीय है. मेरे लिए यह व्यक्तिगत क्षति है और मैं हमेशा उन्हें बहुत

याद करूंगा. ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे. उनका संगीत हमेशा जीवित रहेगा. ओम शांति.” लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शोक जताते हुए कहा कि पं. शिवकुमार शर्मा ने संगीत जगत को समृद्ध किया. उन्होंने सम्पूर्ण विश्व का परिचय भारत की समृद्ध संस्कृति और गौरवशाली परम्परा से करवाया.उनका संगीत भावी पीढ़ियों के लिए सशक्त प्रेरणा रहेगा. उनके परिजनों और प्रशंसकों के प्रति मेरी संवेदनाएं. (भाषा से भी इनपुट)

अपने खास अंदाज से उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय संगीत को पहचान दिलाई। हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में पंडित शिवकुमार शर्मा ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। इसके साथ ही उन्होंने मनोरंजन जगत में अपनी प्रतिभा का लोह मनवाया। उन्होंने बांसुरी के दिग्गज पंडित हरि प्रसाद चौरसिया के साथ मिलकर ‘सिलसिला’, ‘लम्हे’ और ‘चांदनी’ जैसी फिल्मों के लिए संगीत तैयार किया था। इन दोनों की जोड़ी को शिव-हरी के नाम से जाना जाता है।

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नौ-नौ चूड़ियां गाने का संगीत दिया
शिव-हरि की जोड़ी ने मिलकर चांदनी फिल्म के गाने ‘मेरे हाथों में नौ-नौ चूड़ियां’ का संगीत दिया। यह गाना श्रीदेवी पर फिल्माया गया था। गाना काफी हिट हुआ और आज भी काफी पसंद किया जाता है।

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आठ फिल्मों में साथ-साथ काम किया
शिवकुमार शर्मा और हरिप्रसाद चौरसिया ने मिलकर कुल आठ फिल्मों के लिए साथ काम किया। इनमें से सात फिल्में यश चोपड़ा ने निर्देशित कीं। 1993 में आई ‘साहिबां’ इकलौती ऐसी फिल्म थी, जिसे यश चोपड़ा ने नहीं बनाया था।  इन दोनों ने एक साथ कई फिल्मों में संगीत दिया है और अनेक एलबम भी बनाए हैं। शिवहरि की जोड़ी यश चोपड़ा की फिल्मों के संगीतकार के रूप में भी विख्यात रही है।

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