{Top 3} Horror Story in Hindi | Bhoot Pret ki Kahani Hindi

आज आपके लिए लाये 3 भूत की कहानी हिंदी मे ( Bhoot Pret ki Kahani Hindi ). रियल हॉरर स्टोरी (Horror Story in Hindi) जो आपको वैसे तो से कहानियां मौजूद है। पर भी हमें अच्छी सी भूत की कहानियां (Horror Story in Hindi) पढ़े गए।

हमें ने कुछ भूत की कहानियाँ(Horror Story in Hindi) लिखी है और आप के सामने पेश कर रहे है। इन्हे पढ़ने पर आप को डर भी लग सकता है।बहुत सी Horror Story in Hindi असली घटना पर आधारित रहती है। please note all stories are Dreamy not real.

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Horror Story in Hindi

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Bhoot Pret ki Kahani Hindi / Horror Story in Hindi

ऑटो में चुड़ैल के साथ


एक दिन मेरे बॉस ने मुझे कुछ जरुरी काम से रोक लिया और रात के 1:30 बजे बोला “हार्दिक आप को हमारे पेम्पलेट अभी प्रेस पर देने जाना है और दुसरे जो कार्ड्स है उन पर प्रिंटिंग मिस्टेक को चेक करना है“|

रात को 2 बजे में प्रेस जाने के लिए ऑफिस से निकला | मेने ऑटो वाले को रोककर वहा जाने के लिए कहा | रास्ते में मैंने मोबाइल की टोर्च चालु करके प्रिंटिंग में गलती को चेक करने लग गया | हमारे प्रेस से पहले शिलाज क्रासिंग आया | वहा पर दो औरते खडी थी | मैंने ध्यान नहीं दिया और अपने काम में लगा रहा | उन औरतो ने ऑटो वाले को को क्रासिंग के पार छोड़ने के लिए बोला | ऑटो वाला मान गया और वो दोनों औरते मेरे बाजू में बैठ गयी | जैसे ही क्रासिंग पास आया उसमे से एक औरत वही उतर गयी | मै इन सब बातो पर ध्यान नहीं दे रहा था |

फिर से ऑटो चल पड़ा | अब उस दुसरी औरत ने मेरे पैर पर उसका पाँव रखा और बोलने लगी “भैया आपने उस औरत के पाँव देखे ” मैंने कहा “नहीं क्यू क्या हुआ ” वो बोलने लगी “उसके दोनों पाँव उल्टे थे ” मै बोला “तो उसमे क्या हुआ ” वो बोली “मेरे भी दोनों पाँव उल्टे है ” उसके पांवो की तरफ देखते ही मै और ड्राईवर दोनों बेहोश हो गये और सुबह 4 बजे जब बेहोशी से उठे तो मेरे दोस्त को फ़ोन करके मुझे ले जाने के लिए बुलाया | उस वाकिये के बाद मै 15 दिन तक बीमार रहा |

Horror Story in Hindi

बच्चे ने लिया मौत का बदला

मेरी शादी उत्तर प्रदेश के एक गाँव में हुई है जो झांसी से 150 किलोमीटर की दूरी पर है | मेरे सास ससुर की मौत कई सालो पहले हो चुकी थी |

मेरे सास ससुर की मौत के बारे में गाँव वालो का कहना है कि उन्होंने कई साल पहले जमीन में गढ़े धन को पाने के लालच में एक बच्चे की बलि दी थी | और उस बच्चे की मौत के बाद उसकी आत्मा ने मेरे सास ससुर को मार दिया था | जब मैंने गाँव वालो से ये सब बाते सूनी तो शुरू में मुझे इन बातो पर विशवास नहीं हुआ | लेकिन एक दिन की घटना ने मुझे इस सच को सामने खड़ा कर दिया |

आज से चार साल पहले मै और मेरे पति दोनों अपने सास ससुर के घर में उनकी बरसी करने गये थे | हमने वहा खाना बनाया और कुछ लोगो को भोजन करवाया | उस दिन हम काफी थक गये थे और जब हम रात को सोने के लिए छत पर जा रहे थे तभी मेरे पति कुछ अजीबोगरीब आवाजों में बडबडाने लगे जैसे कोई छोटा बच्चा बोल रहा हो | मै काफी घबरा गयी थी और फिर मेरे पति बच्चे की आवाज़ में मेरे सास ससुर के द्वारा 25 साल पहले उसकी बलि की पुरी कहानी सुनाई | मैंने डरते डरते पुरी कहानी सूनी और समझ गयी कि मेरे पति के शरीर में उस बच्चे की आत्मा आ गयी है |

मेरे पति के शरीर में घुसे उस बच्चे की आत्मा ने उसके घर का पूरा पता भी बताया और वो बिलकुल सही था | उस घटना के बाद दो तीन बार फिर मेरे पति के शरीर में वो आत्मा घुस जाती और उसकी मुक्ति के लिए गया ले जाने को बोलता था | उन दो तीन घटनाओ के बाद कभी उस घर में वापस नहीं गये | उस गाँव में वो घर आज भी वीरान पड़ा है और पिछले बीस सालो में वहा कई मौते हो चुकी है | वो आत्मा कहती है कि ये घर अब उसका ही है | जब भी हमारे गाँव का कोई हमारे यहा आता है तो हर बार नयी घटना सुनने को मिलती है

सर कटे भूत से हुआ सामना


हमारे घर के पास में एक ऐसा घर है जिसे मैंने कभी खुला नहीं देखा | इस घर को लोग प्रेतबाधित बताते है और कोई भी वहा जाने की हिम्मत नहीं करता है | इस घर के खिड़की दरवाजे सब टूटे हुए थे |

एक दिन स्कूल से आने के बाद मैंने और मेरे दोस्तों ने मिलकर इस भूतहा घर में जाने का प्लान बनाया | मै बचपन में बहुत निडर था लेकिन मेरे दोस्त थोड़े डरपोक किस्म के थे | उन्होंने पहले तो मना कर दिया कि उनके घर वालो को पता चलेगा तो अपनी चमड़ी उधेड़ देंगे | लेकिन मेरे ज्यादा समझाने पर वो राजी हो गये |

हम टूटी दीवार से घर के आंगन में आये वहा पर एक टूटी खिड़की थी जहा से अंदर जाना आसान था | हम वहा से अंदर चले गये | पुरे घर में अँधेरा छाया हुआ था और उस घर से अजीब बदबू आ रही थी | हम घर की चीजो को ध्यान से देख रहे थे तभी हमे एक दीवार पर कोयले से लिख रखा था “मुझे मार दिया गया है ” | हम ये देखकर डर गये लेकिन फिर सोचा कोई मजाक करने के लिए लिख गया होगा |

अब हम उपर जाने वाली सीढियों के पास आये तो पहली सीढि पर लिख रखा था “मै उपर कमरे में हु ” | ये देखकर मेरे दोनों दोस्त घबरा गये लेकिन मै नहीं डरा और उनको उपर ले गया | उपर तीन कमरे थे जिसमे से एक बंद पड़ा था हम उस कमरे में गये | कमरे में घुसते ही सामने दीवार पर लिखा था “मुझे इस कमरे में ढूंढो” | हम वहा की अलमारियो और बक्सों को देखने लगे जो पुरी तरह गल चुके थे | तभी एक अलमारी के अंदर लिख रखा था “मेरा सिर दाए कमरे में और धड़ बाए कमरे में है ” | ये देखते मेरे दोस्त बुरी तरह घबरा गये और वहा से भागने लगे | लेकिन मैने उन्हें जकड़ लिया और जाने नहीं दिया |

अब हम बांये कमरे में जाकर धड़ ढूंढने लगे और वहा पर एक बक्से में एक सडा गला शव पड़ा था | इस बार तो मै भी डर गया लेकिन बिना पुरी तहकीकात किये वहा से नहीं जाने वाला था | उस बक्से के पास चटाई पर लिखा था | “तुम्हारे पीछे मेरा सिर दुसरे कमरे से आ रहा है ” | अचानक हमे पीछे से कोई परछाई दिखाई दी | और हमने देखा कि वो किसी लड़के का सिर था | अब हम बुरी तरह घबरा गये और वहा से चीखते हुए निकल पड़े |

मैंने ये बात घर वालो को बताई तो पहले तो उन्होंने मुझे खूब पीटा और डांटा लेकिन फिर उन्होंने पुलिस को फ़ोन लगाया | पुलिस ने उस घर में तहकीकात की तो उन्हें बक्से में बंद शरीर तो मिल गया लेकिन सिर कही नहीं मिला | तबसे आज तक मै ऐसे भूतहा घरो में तहकीकात करने से डरता हु |

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