Best 3 Akbar Birbal ki Kahani | Akbar Birbal ki Kahani in Hindi

अकबर-बीरबल के किस्से कहानियां(Akbar Birbal ki Kahan) सदियों से हमारा मनोरंजन करते आ रहे हैं। आज ऐसी ही असंख्य किस्सों में से हम आपके साथ 3 बेहद मनोरंजक कहानियां साझा कर रहे हैं।

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हम आज लाये है अकबर बीरबल की 3 बहुत अच्छी कहानी(Akbar Birbal ki Kahani in Hindi) जैसे आपको अच्छी सिख मिले और आप को कहानी पसंद आये ।

1.सीडी कितनी है? –

2.बीरबल की मृत्यु –

3.मीठी सजा –

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सीडी कितनी है?

Akbar Birbal ki Kahani


बादशाह अकबर और बीरबल महल के बाघ मे टहल रहे थे । बादशाह अकबर मूड मे थे तभी उन्होंने बीरबल से सवाल कर दिया, बीरबल बताओ तुम्हारी पत्नी के कलाई मे कितनी चुडिया हैं, तुम तो दिन मे कई बार अपनी पत्नी की कलाई पकड़ते होंगे ?

बीरबल सोच मे पड़ गए, थोड़ी देर सोचने के बाद बोले, हुजूर मेरा हांत तो मेरी बीवी की कलाईओ को कभी कभार ही पकड़ता है मगर मैंने कभी ध्यान नहीं दिया ,”क्या आप बता सकते हैं के आपकी दाढ़ी मे कितने बाल है ” ? अच्छा आप बताइये के आपकी दाढ़ी में कितने बाल है ?

बादशाह अकबर ने बीरबल की बात काटते हुए बोलै के दाढ़ी के बाल गिन पाना नामुमकिन है, मगर हांत की चुडिया तो गिनी जा सकती हैं ?

बीरबल बोले जहापन्ना औरतो का क्या, हांत मे कितनी चुडिया पहनती हैं, वो तो कम ज्यादा होती ही रहती हैं, तो बिना गिने बता पाना मुश्किल होगा के आखीर, औरत ने अपनी कलाई मे कितनी चूड़ी पहन रखी है ।
आप तो महल मे जाते ही रहते हैं ऊपर वाली मंजिल मे अच्छा आप बताइये के ऊपर जाने के लिए जो हम सीडी का उपयोग करते हैं उसमे कितनी सीडी हैं ?

अब बादशाह अकबर सोच मे पड़ गए के बीरबल ये मे कैसे बता सकता हूँ मैंने सीढ़ियों की तरफ कभी ध्यान ही नहीं दिया बिना गिने कैसे बता सकता हूँ।

उतने मे बीरबल बोले देखा जहापन्ना जबकि सीडी तो उतनी की उतनी ही तब भी आपने कभी ध्यान नहीं दिया और आप मेरे सवाल का जवाब नहीं बता सके। तभी सहनशाह थोड़े से मुस्कराये और महल की और निकल पड़े।

बीरबल की इस बुद्धिमत्ता के आगे बादशाह अकबर निरुत्तर रह गए।

बीरबल की मृत्यु

Akbar Birbal ki Kahani

बीरबल और अकबर की कई कहानियां हमने बहुत पढ़ी हैं। हम आपको एक घटना के बारे में बताने जा रहे हैं जो बीरबल की मृत्यु से जुड़ी है। बीरबल सम्राट अकबर के 9 रत्नों में सबसे खास थे।

अफगानिस्तान के यूसुफजई जनजातियों ने मुगल शासन के खिलाफ सिंधु नदी के पूर्वी तट पर विद्रोह शुरू कर दिया था।
अकबर द्वारा विद्रोह को कुचलने के लिए भेजे गए सैनिक मारे जा चुके थे। अकबर ने 1586 में कमांडर जैन खान की मदद के लिए अटॉक में अपनी नई सेना सुदृढीकरण के साथ बुद्धिमान बीरबल को भेजा।
बीरबल और सेना स्वात घाटी (वर्तमान में पाकिस्तान) में एक संकीर्ण दर्रे में चली गईं, अफगान सैनिक पहाड़ियों में घात लगाए बैठे थे, और उन्होंने ऊपर से गोले बरसाने शुरू कर दिए।

इसके बाद हुई अकबर की बड़ी हार में बीरबल और 8000 से ज्यादा सैनिक मारे गए। सबसे दुखद बात यह रही कि उनका शरीर कभी नहीं मिला।

यह अकबर के लिए सबसे बड़ा सैन्य नुकसान था। कहा जाता है कि अपने पसंदीदा राजदरबारी बीरबल को खोने के गम तक कुछ नहीं खाया और पिया।


वह दुखी बेहद दुखी थे क्योंकि बीरबल का शव न मिलने के कारण उनका अंतिम संस्कार भी नहीं किया जा सा था। महान अकबर ने घोषणा की थी कि सिंहासन संभालने के बाद से यह उनकी सबसे बड़ी त्रासदी थी।

मीठी सजा

Akbar Birbal ki Kahani

एक दिन बादशाह अकबर दरबार में उपस्थित हुए। सिंहासन पर बैठते ही उन्होंने दरबारियों से कहा, आज एक व्यक्ति ने मेरी दाढ़ी खींची है। बताइए, मैं उसे क्या दंड दूँ ?

बादशाह की बात सुनकर सारे दरबारी विचार करने लगे। कुछ देर बाद एक दरबारी ने कहा, जहाँपनाह, जिसने ऐसा किया है, उसका सर धड़ से उदा दिया जाए।

एक और दरबारी ने कहा, कौन ऐसा दुष्ट है जिसने ऐसी हरकत की है ?

ऐसे व्यक्ति को तो हाथी के पैरों तले रौंद देना चाहिए। सभी दरबारी अपनी-अपनी तरह से सजा सुझाने लगे। उन सबकी बातें सुनकर बादशाह ऊब गया। अंत में उसमे बीरबल से पूछा, बीरबल तुम चुप क्यों हो ?

इस विषय में तुम्हारी क्या सलाह है ?

दाढ़ी खींचने वाले को क्या सजा दी जनि चाहिए ?

बीरबल मुस्कुराते हुए बोले, जहाँपनाह, मेरी राय है कि आप उसे प्यार से मिठाई खिलाइए। उसके अपराध की यही सजा है।

बादशाह ने बीरबल के उत्तर को सुना और खुश होकर कहा, बीरबल, तुम्हारी बात बिल्कुल सही है। अब ये बताओ कि मेरी दाढ़ी किसने खींची होगी ?

बीरबल ने उत्तर दिया, जहाँपनाह, छोटे शहजादे के आलावा ऐसी हिम्मत कोई और नहीं कर सकता। उसने प्यार से ऐसा किया होगा। इसलिए सजा के रूप में मिठाई खिलानी चाहिए।

बीरबल की बात सही थी। आज सुबह शहजादा बादशाह अकबर की गोद में था और उसने ही खेलते-खेलते बादशाह की दाढ़ी खींची थी।

चतुर बीरबल के उत्तर से बादशाह खुश हो गए और सारे दरबारी लज्जित हो गए

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