{2 Best} Sachi Bhoot ki Kahani Hindi | भूत की कहानियां

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Sachi Bhoot ki Kahani Hindi

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वैसे तो भूत प्रेत की बहुत से कहानियां मौजूद है। पर भी हमें अच्छी सी भूत की कहानियां (bhoot ki kahaniya) पढ़े गए।

हमें ने कुछ भूत की कहानियाँ(bhoot ki kahaniya) लिखी है और आप के सामने पेश कर रहे है। इन्हे पढ़ने पर आप को डर भी लग सकता है।

इसमें हम 2 भूतिया कहानी हिंदी में दी है उसको आप Read करे।

1.डर की सच्ची तस्वीरे

2.दिन ढलते ही कुएं से बाहर आ जाती हैं यह आत्माएं

डर की सच्ची तस्वीरे

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काफी समय पहले हमारे गाँव मे एक गडरीया जंगल मे भेड़ चराने जाया करता था, एक दिन अचानक वो दोपहर के समय खेत मे भेड़े चराते-2 मर गया । तब उस जगह पर एक खेत हुआ करता था । लेकिन उसके मरने के बाद आज वहा उसके चारों तरफ की 7-4 मीटर की जगह छोड़ी हुई है कई बार उस जगह को ट्रैक्टर से खेत बढ़ाने की कोशिश की गई पर हर बार कुछ अजीब ही देखने को आया ।

पहली बार ट्रैक्टर बंद हो गया फिर धक्का लगाकर पीछे हटाया और दूसरी बार ट्रैक्टर सीधा दो पहीये पर खड़ा हो गया जिससे ड्राइवर मरने से बचा ।उसके बाद से आज तक वो जगह खाली ही है, वहाँ कोई कुछ नहीं कर पाता हैं।उस जगह पर लगभग 25 मीटर की दुरी पर एक मोड़ है,जहाँ सबसे ज्यादा दुर्घटनाएँ होती रहती है

वो मोड़ अंग्रेजी के ‘U’ अक्षर के आकार का हैं। एक बार वहाँ एक ट्रक वाले से ऐक्सीडेन्ट का कारण पूछा तो उसने बताया की उसे ये रास्ता एकदम सीधा दिखाई दिया,और रास्ते के किनारे एक आदमी भी खड़ा हुआ था॥

इस मोड़ पर सबसे ज्यादा दुर्घटनाएँ होती रहती है। लोग कहते है की वहाँ उसी गडरीये की आत्मा है जो लोगों को परेशान करती है.

दिन ढलते ही कुएं से बाहर आ जाती हैं यह आत्माएं

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बहुत से ऐसे किस्से हैं जो अलग-अलग दिखने वाले और भिन्न-भिन्न तरीके से लोगों को डराने वाले भूतों और आत्माओं का उल्लेख करते हैं। ऐसा ही एक किस्सा जापान से भी जुड़ा हुआ है। वैसे तो यहां कई प्रकार की आत्माएं होती हैं लेकिन आजकल जो सबसे ज्यादा प्रचलित है वह है ओकिकू।

इससे पहले कि आप ओकिकू को किसी व्यक्ति विशेष की आत्मा के संदर्भ में लें हम आपको बता दें कि ओकिकू किसी व्यक्ति की आत्मा नहीं बल्कि वह आत्माएं होती हैं जो कुएं में रहती हैं। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि जापान में कुएं से निकलने वाली आत्माओं से जुड़े बहुत से किस्से मशहूर हैं जिनमें एक महिला हर रात कुएं में से निकलकर पानी भरने आती है। इन कहानियों पर कई फिल्में और नाटक भी बन चुके हैं।

जापानी भूतों में ओकिकू सबसे पुराने किस्म के भूत हैं। निश्चित तौर पर तो कुछ नहीं कहा जा सकता कि इनका उद्भव कब हुआ लेकिन इनके होने का सबसे पहला प्रमाण सोलहवीं शताब्दी में प्राप्त हुआ था।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि जापान में तीन प्रकार के भूत होते हैं, ओबाके, यूकई, यूरेई। हत्या, आत्महत्या या फिर युद्ध में मारे गए लोगों की आत्माएं, जो बदला लेने के लिए भटकती हैं, उन्हें यूरेई कहा जाता है। जापानी लोगों का मानना है कि यह ओकिकू के रूप में भटकती हैं। यह रात को कुएं से बाहर आती हैं और अपने शत्रु से बदला लेकर वापस कुएं में चली जाती हैं। जापान में ओकिकू पर आधारित कई नाटक भी प्रदर्शित किए गए हैं।

ओकिकू से जुड़ी अधिकांश कहानियां टोक्यो गार्डन में स्थित कनाडियन एंबेसी परिसर में स्थित कुएं से जुड़ी हैं। यहां तक कि अब इस कुएं को ओकिकू वेल ही कहा जाने लगा है। इस कुएं का पानी कोई नहीं पीता। हालांकि यह बात कोई नहीं जानता कि इन कहानियों के पीछे कितनी सच्चाई है।

ओकिकू की पहली कहानी बन्चो सारायाशिकी जुलाई 1741 में टोयोटाकेका थिएटर में प्रदर्शित की गई थी। इस कहानी में बंचो नामक महिला एक समुराई के घर नौकरानी थी। समुराई उसपर प्रेम संबंध बनाने का दबाव डाल रहा था लेकिन बंचो हर बार इंकार कर देती। समुराई ने क्रोधित होकर उस पर चोरी का इल्जाम लगा दिया और उसके सामने शर्त रखी या तो उसकी बात मान ले या फिर उसे सब के सामने चोर बना दिया जाएगा।

निराश बंचो ने कुएं में कूदकर अपनी जान गंवा दी और वह ओकिकू बन गई। तब से हर रात ओकिकू कुएं से बाहर निकलती है और पूरी रात भटकती रहती है। सुबह की पहली किरण के साथ ही वह वापस कुएं में चली जाती है। यह सिलसिला हर रात चलता है।

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