Dard Bhare Status in Hindi | दर्द शायरी | Painful Shayari

•Dard Bhare Shayari in Hindi

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•Dard Bhare Status in Hindi | दर्द शायरी | Painful Shayari

इसे इत्तेफाक समझो या दर्दनाक हकीकत,
आँख जब भी नम हुई, वजह कोई अपना ही निकला !!
जिन्दगी भर कोई साथ नहीं देता यह जान लिया हमने,
लोग तो तब याद करते है जब वो खुद अकेले होते है !!
ज़िन्दगी में ज़िन्दगी से हर चीज़ मिली,
मगर उनके बाद ज़िन्दगी न मिली !!
ना उजाड़ ए ख़ुदा किसी के आशियाने को,
बहुत वक़्त लगता है, एक छोटा सा घर बनाने को !!
न कसूर इन लहरो का था,
न कसूर उन तूफानो का था,
हम बैठ ही लिये थे उस कश्ती में,
नसीब में जिसके डूबना था !!
ख़ुदा तूने तो लाखो की तकदीर संवारी है,
मुझे दिलासा तो दे की अब तेरी बारी है !!
बिकती है ना ख़ुशी कहीं,
ना कहीं गम बिकता है,
लोग गलतफहमी में है की,
शायद कहीं मरहम बिकता है !!
फिक़र तो तेरी आज भी है पर,
जिक़र करने का हक़ नहीं रहा !!
दुनियावालों ने तो फकत उसको हवा दी थी,
लोग तो घर के ही थे आग लगाने वाले !!
मैं तुमसे अब कुछ नहीं माँगता ए ख़ुदा,
तेरी देकर छीन लेने की आदत मुझे मंज़ूर नहीं !!
तमाम जख्मो के साथ इसलिये जी रही हु की,
एक दिन तो वो मिलेगा जो मरहम लगाना जानता है !!
कोई और इल्जाम है तो वो भी देते जाओ,
हम तो पहले से ही बुरे थे थोड़े और सही !!
बड़ी बरकत है तेरे इश्क़ में,
जब से हुआ है, कोई दूसरा दर्द ही नहीं होता !!
तुम अपने ज़ुल्म की इन्तहा कर दो,
फिर कोई हम सा बेजुबां मिले ना मिले !!
यह कह कर मेरा दुश्मन मुझे हँसते हुए छोड़ गया,
की तेरे अपने ही बहुत है तुझे रुलाने के लिए !!
क्या खूब सिला दिया है दिल लगाने का,
लहजा भी भूल गया हूँ मैं मुस्कुराने का !!
कैद करके तेरे चहेरे को,
मेरी आँखों ने ख़ुदकुशी कर ली !!
कभी भी ख़ुशी मे Status नहीं लिखा जाता है,
ये वो धुन है जो दिल टूटने पर बनती है !!
मैं किस्मत का सबसे पसंदीदा खिलौना हूँ,
वो रोज़ जोड़ती है मुझे फिर से तोड़ने के लिए !!
तेरे दावे है तरक्की के तो फिर ऐसा क्यों है,
मुल्क मेरा आज भी फुटपाथ पर सोता क्यों है !!
दिल तो करता है की रूठ जाऊँ कभी बच्चों की तरह,
 फिर सोचता हूँ की मनाएगा कौन ?
जब भी मेरी कलम कोई आह भरती है,
पता नहीं ये दुनिया क्यूं वाह-वाह करती है !!
फूलों ने मचाई है भीड़ हमारी मज़ार पर !!
तुम्हारा शक सिर्फ हवाओ पे गया होगा,
चिराग खुद भी तो जल-जल के थक गया होगा !!
जिस परिंदे को अपनी उड़ान से फुरसत ना थी कभी,
आज हुआ तनहा तो मेरी ही दिवार पे आ बैठा !!
किसे परवाह है बिजलियों के गिरने की,
खाक होने को जब आशियाना ही न रहा !!
यूँ ही नहीं आ जाता शायरी का हुनर,
किसी की मोहब्बत में खुद को तबाह करना पड़ता है !!
मेरे दर्द भी औरो के काम आते है,
मैं जो रो दूँ तो लोग मुस्कुराते है !!
कैसे बयान करू अपने दर्द को,
सुनने वाले बहुत है पर महेसुस करने वाला कोई नहीं !!
सामान बाधें हुए इस सोच में गुम हुँ,
जो कहीं के नहीं रहते वो कहाँ जाते है !!
काट कर मेरी जुबां कर गया खामोश मुझे,
बेखबर को नहीं मालूम की मन बोलता है !!
नए लोग से आज कुछ तो सीखा है,
पहले अपने जैसा बनाते है फिर अकेला छोड़ देते है !!
कीसी की तलाश में मत नीकलो,
लोग खो नहीं जाते, बदल जाते है !!
ख़्वाहिशों का कैदी हूँ मैं,
मुझे हकीक़ते सज़ा देती है !!
जिन्दगी बैक टु बैक दर्द दे रही है,
डर है कहीं बड़ा होकर अल्ताफ राजा‬ न बन जाऊ !!
खुद कभी बेचा करता था दर्दे दिल की दवा,
आज वक़्त मुझे अपनी ही दुकान पर ले आया !!
मुझको ढुँढ लेता है, रोज किसी बहाने से,
दर्द वाकिफ हो गया है, मेरे हर ठिकाने से !!
थोडी मुस्कुराहटे ऊधार दे दे मूझे ए ज़िन्दगी,
कुछ अपने आ रहे है, मिलने की रस्म निभानी है !!
जिसने देखा ही नहीं आंसुओं की बरसात का मौसम,
वो शख्श क्या जाने की दिल का दर्द क्या है !!
यूँ तो कोई शिकायत नहीं मुझे मेरे आज से,
मगर कभी-कभी बीता हुआ कल बहुत याद आता है !!
वापसी का कोई सवाल ही नहीं,
घर से निकला हूँ, आँसुओ की तरह !!
बेबसी किसे कहते है ये पूछो उस परिंदे से,
जिसका पिंजरा रखा भी तो खुले आसमान के तले !!
ऐ नसीब एक बात तो बता जरा,
सब को आजमाता है या मुझसे ही दुश्मनी है ?
अफसोस ये नहीं है की दर्द कितना है,
अफसोस ये है की तुम्हे परवाह नहीं है !!
मैं खुद भी अजनबी हूँ अपने लिए,
मुझे गैर कहने वाले तेरी बात में दम तो है !!
बहुत सीमेंट है साहब आजकल की हवाओं में,
दिल कब पत्थर हो जाता है पता ही नहीं चलता !!
बड़े ना-आशना थे हम पहले इस जहाँ में,
तेरी आरजू में मिटे तो वजूद बना हमारा !!
मैं भी कभी हँसता खेलता था,
कल एक पुरानी तस्वीर में देखा था खुद को !!
एक ही बात इन लकीरो में अच्छी है,
धोखा देती है मग़र रहती हाथों में ही है !!
इस दुनिया के लोग भी कितने अजीब है ना,
सारे खिलोने छोड़कर जज्बातों से खेलते है !!
ऐ बादल ! मेरी आँखे तुम रख लो,
कसम से बड़ी माहिर हैं बरसने में !!
आज मेरी माँ ने बताया मुझे,
बचपन मे कभी मै भी हँसता था !!
शायरी करनी है तो मोहब्बत कर,
दिल के जख्म जरूरी है शायरी के लिए !!
इन्सान कम थे क्या,
जो अब मौसम भी धोखा देने लगे !!
तुम सो जाओ अपनी दुनिया में आराम से,
मेरा अभी इस रात से कुछ हिसाब बाकी है !!
मेरे तो दर्द भी औरो के काम आते है,
मैं रो पडु तो कई लोग मुस्कराते है !!
वो एक रात जला तो उसे चिराग कह दिया,
हम बरसो से जल रहे है, कोई तो खिताब दो !!
गमो में ऐसा घिरा जा रहा हूँ मैं,
जरा भी नही मुस्करा पा रहा हूँ मैं !!
किस किस को क्या इलज़ाम दूं दोस्तो,
जिन्दगी में सताने वाले भी अपने थेऔर दफनाने वाले भी अपने !!
मेरी शायरी ही है दिल का मरहम,
अगर मैं शायर ना होता तो शायद पागल होता !!
धीरे धीरे से खत्म होता जा रहा है,
वजूद कुछ उनका, वजूद कुछ हमारा !!
आज सोचा जिंन्दा हुँ तो घूम लूँ,
मरने के बाद तो भटकना ही है !!
अजीब मेरा अकेलापन है,
तेरी चाहत भी नहीं और तेरी जरूरत भी है !!
भाई इतने ज़ख्म थे दिल पे की,
हक़ीम ने इलाज़ में मौत ही लिख दी !!
हवाएं बदल गई है इस कदर जमाने की,
दुआएं माँग रहा हूँ होश में न आने की !!
मत खोल मेरी किस्मत की किताब को,
हर उस शख्स ने दिल दुखाया जिस पे नाज़ था !!
भीगी भीगी सी ये जो मेरी लिखावट है,
स्याही में थोड़ी सी, मेरे अश्कों की मिलावट है !!
ये लोग जो रोते है मेरी लाश पे,
अभी उठ जाऊँ तो जीने नहीं देंगे !!
इतना दर्द था मेरे आंसुओ में की,
जहां जहां गिरे वो जमीन बंजर हो गई !!
तजुर्बे ने एक बात सिखाई है की,
एक नया दर्द ही पुराने दर्द की दवाई है !!
काश, OLX पे उदासी और अकेलापन भी बेचा जा सकता !!
अश्को में बहते कुछ कतरे ये बयान करते है,
हमने भी कभी खुशियों के ख्वाब देखे थे !!
न जाने कैसे आग लग गई बहते हुए पानी में,
हमने तो बस कुछ खत बहाऐ थे उसके नाम !!
जख्म देना था तो पूरा जिस्म तेरे हवाले था,
कमबख्त वार किया भी तो सिर्फ दिल पर ही किया !!
पगली तेरी मोहब्बत ने मेरा यह हाल कर दिया है,
मैं नही रोता, लोग मुझे देख के रोते है !!
हालात ने तोड़ दिया हमे कच्चे धागे की तरह,
वरना हमारे वादे भी कभी ज़ंजीर हुआ करते थे !!
ज़िंदगी भर मौत के लिए दुआ करते रहे खुदा से,
और जब जीना चाहा तो दुआ क़बूल हो गई !!
आता ही नहीं उस नादान के बगैर जीना मुझ को,
काश उस शक्श ने मरना भी सिखा दिया होता !!
कुछ लोग मुझे अपना कहा करते थे,
सच कहूँ तो सिर्फ़ कहा ही करते थे !!
जनाज़ा इसीलिए भारी था उस गरीब का,
क्यूंकि वह सारे अरमान साथ लेकर चला गया !!
हम इतने बुरे इन्सान भी नहीं,
जितना बक्त ने हमको बना दिया !!
मौत भी हर बार ये कह कर मुझे छोड़ जाती है,
की तुझे मारूँगी एक दिन पर पहले जीने तो लगो !!
एक दुःख पे हज़ार आंसू,
उफ़ आँखों की ये फिझुज़ खर्चिया !!
जिसने भी की है मोहब्बत की नौकरी,
वेतन में उसे दर्द ही मिला है !!
तू बदनाम ना हो इसलिए जी रहा हु मै,
वरना मरने का इरादा तो रोज होता है !!
जरुरत है कुछ नए नफरत करने वालो की,
पुराने वाले चाहने लगे है मुझे !!
आज दिल की Xerox निकलवाई,
सिर्फ बचपन वाली तस्वीरें ही रंगीन नज़र आई !!
दर्द बेचते है हम यहां लफ़्ज़ों में ढालकर,
अगर चोट पहुँचे तो गुस्ताखी माफ़ कीजिये !!
मतलबी दुनिया के लोग खड़े है हाथों में पत्थर लेकर,
मैं कहाँ तक भागूं शीशे का मुक़द्दर लेकर !!
दीवार का कैलेंडर तो बदलता है हर साल,
ए-ख़ुदा अब के बरस हालात भी तो बदल दे !!
वो कहता है की बता तेरा दर्द कैसे समझू,
मैंने कहा की इश्क़ कर और कर के हार जा !!
मेरी तो ख़्वाहिश थी की मैं सबको रौशनी बाँटू,
मगर ज़िन्दगी तूने बहुत जल्द बुझा दिया मुझको !!
गमो का बोझ होता तो उठा भी लेते,
ज़िन्दगी बोझ बन जाए तो उठाये कैसे !!
दर्द की भी अपनी एक अदा है,
वो भी सहने वालों पर ही फिदा है !!
सिर्फ टूटे हुए लोग ही जानते है,
की टूटने का दर्द क्या होता है !!
जिसकी चोट पर हमने सदा मरहम लगाए,
हमारे वास्ते फिर उसने नए खंज़र मंगाए !!
उठाना ‎खुद‬ ही ‪पड़ता‬ है थका ‎टूटा‬ बदन ‎अपना‬,
जब‬ तक ‎साँसें‬ चलती है कंधा‬ कोई नहीं देता‬ !!
दर्द तो दर्द होता है मेरे दोस्त,
समझने वाले नाम सुनकर ही समझ जाते है !!
लोग वादें तो हजारों करते है,
पर निभाते एक भी नहीं !!
जरुरी तो नहीं है दोस्त,
की जो मुस्कुरा रहा है वो खुश ही हो !!
दर्द जब हद से ज्यादा बढ़ जाए,
तो वो ख़ामोशी का रूप ले लेता है !!
शिकवा करे भी तो किससे करे हम,
अपनों पर मरे हम और अपनों ने ही मारा हमें !!
हमको आता नहीं जख्मों की नुमाइश करना,
खुद ही रोते है, तड़पते है और सो जाते है !!
दर्द इतना सहा मैंने की,
दर्द ही महेबुब बन गया !!
बहोत मुशकिल होता है ना,
दिल में दर्द लिए होठों पे हँसी लाना !!
जब इंसान अंदर से टूट जाता है,
तो बाहर खामोश हो जाता है !!
अक्सर टूटे हुए लोग,
रातों को देर तक जागा करते है !!
कुछ मतलबी लोग ना आते,
तो जिंदगी इतनी बुरी भी ना थी !!
परखा बहोत गया मुझे,
लेकिन समझा नहीं गया !!
मेरी जिंदगी में ही ऐसा क्यूँ होता है दोस्तों,
प्यार बेबफा होता जा रहा है और दोस्त मतलबी !!

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