राष्ट्रीय पंचायत दिवस पर प्रधानमंत्री बोले: पंचायतों को मिलेंगे और अधिकार, ग्रामीण विकास में बढ़ेगी महिलाओं की भागीदारी

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अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू/सांबा
Published by: विमल शर्मा
Updated Mon, 25 Apr 2022 03:30 AM IST

सार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय पंचायत दिवस पर सांबा जिले के पल्ली गांव से अमृत सरोवर अभियान का शुभारंभ किया। इस योजना के तहत 15 अगस्त 2023 तक प्रत्येक जिले में 75 सरोवर तैयार किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि पंचायत प्रतिनिधि धरती को केमिकल से बचाएं। इसके लिए सभी को आगे आना होगा। इसके अलावा पंचायत प्रतिनिधि कुपोषण-एनीमिया के खिलाफ लड़ाई में भी साथ दें। 

राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के समारोह के मौके पर सम्मानित करते पीएम मोदी

राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के समारोह के मौके पर सम्मानित करते पीएम मोदी
– फोटो : अमर उजाला

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विस्तार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि पंचायतों को और अधिकार मिलेंगे। गांवों के विकास में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी। अगले साल 15 अगस्त तक देश के हर जिले में 75 अमृत सरोवर बनाए जाएंगे, जिसके किनारे शहीदों के नाम पर पेड़ लगाए जाएंगे। उन्होंने केमिकल से धरती को बचाने का आह्वान करते हुए कहा कि प्राकृतिक खेती से पूरी मानवता को लाभ होगा। साथ ही कुपोषण व एनीमिया से देश को बचाने का जनप्रतिनिधियों से संकल्प लेने का भी आह्वान किया।

पल्ली गांव से प्रधानमंत्री ने अमृत सरोवर अभियान का शुभारंभ किया

राष्ट्रीय पंचायत दिवस पर रविवार को सांबा जिले के पल्ली गांव से प्रधानमंत्री ने अमृत सरोवर अभियान का शुभारंभ किया। इस योजना के तहत 15 अगस्त 2023 तक प्रत्येक जिले में 75 सरोवर तैयार किए जाएंगे। इनके किनारे नीम, पीपल और बरगद के पौधे लगाए जाएंगे। ये पौधे उस क्षेत्र के स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों के नाम पर होने चाहिए। साथ ही सरोवरों का शिलान्यास भी इनके परिवार के सदस्यों के हाथों ही कराया जाए।

धरती मां को केमिकल से मुक्त कर, प्राकृतिक खेती की ओर हमें बढ़ना होगा

इस अवसर पर देशभर के पंचायती नुमाइंदों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि धरती मां को केमिकल से मुक्त करना होगा। इसके लिए प्राकृतिक खेती की ओर हमें बढ़ना होगा। प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए सामूहिक प्रयासों की जरूरत है। ग्राम पंचायतों को सबका साथ लेकर एक और काम भी करना होगा। वह है कुपोषण। एनीमिया से देश को बचाने का जो बीड़ा केंद्र सरकार ने उठाया है उसके प्रति जमीन पर लोगों को जागरूक करना है। कहा कि अब सरकार की तरफ  से जिन योजनाओं में भी चावल दिया जाता है उसको पोषणयुक्त किया जा रहा है। 

पंचायती व्यवस्था में बढ़ाएं महिलाओं की भागीदारी

मोदी ने कहा कि पंचायतों को और अधिक अधिकार दिए गए हैं। ई-ग्राम स्वराज से सबको जोड़ा जा रहा है। अब ग्रामीण मोबाइल पर ही जान सकेंगे कि गांव में कौन से काम चल रहे हैं, उसकी स्थिति क्या है और कितने पैसे खर्च हुए। सिटीजन चार्टर लागू किया गया है। कहा, पंचायती राज व्यवस्था में महिलाओं व बहनों की भागीदारी और बढ़ाने पर जोर है। कोरोना काल में भारत के अनुभव ने विश्व को सबक सिखाया है। आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने कोरोना मरीजों की ट्रैकिंग से लेकर टीकाकरण तक के काम को बखूबी अंजाम दिया है। इनकी बदौलत ही कोरोना से जंग में हम आगे रहे हैं। 

महिलाओं को पानी आपूर्ति का दें जिम्मा

पीएम ने कहा कि महिलाओं का  स्वयं सहायता समूहों की आजीविका से जुड़े मिशन में अहम योगदान रहा है। हर घर नल योजना में भी इनकी भूमिका महत्वपूर्ण है। देशभर में तीन लाख पानी समितियां बन चुकी हैं। इनमें 50 फीसदी महिलाएं व 25 फीसदी कमजोर तबके के लोगों की भागीदारी होनी चाहिए। सात लाख महिलाओं को अब तक प्रशिक्षित किया जा चुका है।  सभी पंचायतें जितना ज्यादा महिलाओं को जोड़ेंगी पानी की समस्या का समाधान उतनी ही जल्दी होगा।

कचरा प्रबंधन से पंचायतें कर सकती हैं कमाई

प्रधानमंत्री ने कहा कि ग्राम पंचायतों के पास पूंजी व राजस्व का मॉडल होना चाहिए। ग्राम पंचायतों में उपलब्ध संसाधनों का उपयोग कर आय बढ़ाने पर जोर होना चाहिए। कचरे का बेहतर प्रबंधन कर आय बढ़ाई जा सकती है। घरों से ही सूखा व गीला कचरा अलग कर उसका सदुपयोग सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

पंचायत हो या पार्लियामेंट कोई भी काम छोटा नहीं

पीएम मोदी ने देश के चुने हुए प्रतिनिधियों से कहा कि पंचायत हो या पार्लियामेंट, कोई भी काम छोटा नहीं है। यहां अपने कामों से हम देश को आगे ले जा सकते हैं। अगर पंचायत में बैठ कर यह संकल्प लें कि देश को आगे बढ़ाने के लिए काम करूंगा तो देश आगे बढ़ेगा।

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