पल्ली गांव में बोले गिरिराज: सतत विकास के साथ सशक्त बन रहीं देश की पंचायतें, ई-सुशासन को बढ़ाया जाएगा

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अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: विमल शर्मा
Updated Mon, 25 Apr 2022 03:30 AM IST

सार

केंद्रीय ग्रामीण विकास व पंचायती राज मंत्री गिरिराज सिंह ने पल्ली ग्राम पंचायत में राष्ट्रीय पंचायत राज दिवस के मौके पर कहा कि भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है। देश की सबसे निचली इस इकाई में ढाई लाख से अधिक पंचायतें और 31 लाख से अधिक प्रतिनिधि हैं। विश्व में इतना बड़ा प्रतिनिधित्व कहीं पर भी नहीं है।

सांबा में आयोजित कार्यक्रम में शामिल केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह

सांबा में आयोजित कार्यक्रम में शामिल केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह
– फोटो : अमर उजाला

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विस्तार

केंद्रीय ग्रामीण विकास व पंचायती राज मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि देशभर में पंचायतों को सतत विकास के साथ सशक्त बनाया जा रहा है। प्रौद्योगिकी के माध्यम से भविष्य में पंचायतों का कायाकल्प करने का लक्ष्य रखा गया है। कांग्रेस की ओर इशारा करते हुए सिंह ने कहा कि देश में कई सालों से एक पार्टी द्वारा गांधी जी के विचारों की चर्चा की जाती रही, लेकिन गांधी जी का ग्राम स्वराज का सपना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ही पूरा किया गया। सिंह रविवार को पल्ली ग्राम पंचायत में राष्ट्रीय पंचायत राज दिवस समारोह में बोल रहे थे। 

ढाई लाख से अधिक पंचायतें और 31 लाख से अधिक प्रतिनिधि

सिंह ने कहा कि भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है। देश की सबसे निचली इस इकाई में ढाई लाख से अधिक पंचायतें और 31 लाख से अधिक प्रतिनिधि हैं। विश्व में इतना बड़ा प्रतिनिधित्व कहीं पर भी नहीं है। केंद्र सरकार के प्रयासों से जम्मू-कश्मीर में पहली बार त्रिस्तरीय चुनाव करवाकर पंचायतों को सशक्त बनाने की पहल की गई।

आज हजारों प्रतिनिधि पंचायतों का प्रतिनिधित्व कर रहे

आज हजारों प्रतिनिधि पंचायतों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। देश में आने वाले समय में पंचायती राज में ई-सुशासन को बढ़ाया जाएगा। राष्ट्रीय ग्राम स्वराज में योजना, निगरानी सहित सभी बिंदुओं को एक प्रणाली में शामिल किया गया है। इसमें सभी खर्च का हिसाब रहता है।

हरित खेती, प्राकृतिक खेती की शुरुआत की जा रही

पंचायतों को सक्षम बनाने की दिशा में टाउन प्लानर के साथ वहां पर हरित ऊर्जा को बढ़ावा दिया जा रहा है। हरित खेती, प्राकृतिक खेती की शुरुआत की जा रही है। सिंचाई युक्त पंचायतों का निर्माण होगा। स्वास्थ्य और स्वच्छ पंचायत के साथ प्रौद्योगिकी के माध्यम से युवाओं के लिए ई-लाइब्रेरी की ट्रेनिंग दी जाएगी। 

टेली परामर्श, आपात प्रबंधन प्रशिक्षण दिया जाएगा

इसके अलावा ई-किसान लाइब्रेरी, ई-मार्केटिंग, टेली परामर्श, आपात प्रबंधन प्रशिक्षण दिया जाएगा। पंचायतों में आत्मनिर्भर बुनियादी ढांचा विकसित किया जा रहा है। बच्चों के लिए सुशासन बढ़ाया जाएगा।

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