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पड़ोसी सुनते थे रोज सिसकियां: एम्स कर्मचारी के घर पर बंद मिली झारखंड की बच्ची, दिल्ली पुलिस ने दरवाजा तोड़कर बचाया

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव
Updated Sat, 23 Apr 2022 09:25 AM IST

सार

एम्स कर्मचारी के घर पर झारखंड की एक नाबालिग बच्ची बरामद हुई है। यह बच्ची पिछले छह दिन से घर में ही बंद थी। एम्स कर्मचारी का परिवार उसे बंद कर रांची चला गया था। 

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दिल्ली एम्स के आवासीय परिसर से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एम्स कर्मचारी के घर पर झारखंड की एक नाबालिग बच्ची बरामद हुई है। यह बच्ची पिछले छह दिन से घर में ही बंद थी। एम्स कर्मचारी का परिवार उसे बंद कर रांची चला गया था। पुलिस ने बताया कि बच्ची का चिकित्सीय परीक्षण कराया गया है और उसे वन स्टाप सेंटर भेज दिया गया है। एम्स कर्मचारी के वापस आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। 

जानकारी के मुताबिक, मामला एम्स आवासीय परिसर आयुर्विज्ञान नगर स्थित मकान नंबर बी 76 का है। यहां जेई कुमार सौरभ अपने परिवार के साथ रहता है। वह परिवार सहायिका के रूप में एक 15 साल की बच्ची को झारखंड से लेकर आया था। छह दिन पूर्व सौरभ व उसका परिवार रांची गया था, लेकिन वह नाबालिग बच्ची को घर पर ही बंद कर गया। पुलिस के मुताबिक, बच्ची काफी डरी हुई है और सदमे में है। 

लगाती रही गुहार, लेकिन पड़ोसी नहीं आए बचाने
बच्ची ने बताया कि, शुरुआती दो दिन तो उसने जैसे-तैसे गुजार लिए, लेकिन जब वे लोग वापस नहीं आए तब उसे डर सताने लगा। उसके सब्र का बांध टूट गया, जिसके बाद उसने पड़ोसियों से मदद की गुहार लगाई, लेकिन कोई भी आगे नहीं आया। ऐसे करते-करते छह दिन बीत गए। आखिर में बच्ची ने 1098 हेल्पलाइन पर मदद मांगी। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने घर का दरवाजा तोड़कर बच्ची को बाहर निकाला और उसकी जांच करवाई। पुलिस के मुताबिक, कुमार सौरभ का परिवार अभी रांची में ही है, उनके वापस आने के बाद पूछताछ की जाएगी और आवश्यक कार्रवाई होगी। 

विस्तार

दिल्ली एम्स के आवासीय परिसर से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एम्स कर्मचारी के घर पर झारखंड की एक नाबालिग बच्ची बरामद हुई है। यह बच्ची पिछले छह दिन से घर में ही बंद थी। एम्स कर्मचारी का परिवार उसे बंद कर रांची चला गया था। पुलिस ने बताया कि बच्ची का चिकित्सीय परीक्षण कराया गया है और उसे वन स्टाप सेंटर भेज दिया गया है। एम्स कर्मचारी के वापस आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। 

जानकारी के मुताबिक, मामला एम्स आवासीय परिसर आयुर्विज्ञान नगर स्थित मकान नंबर बी 76 का है। यहां जेई कुमार सौरभ अपने परिवार के साथ रहता है। वह परिवार सहायिका के रूप में एक 15 साल की बच्ची को झारखंड से लेकर आया था। छह दिन पूर्व सौरभ व उसका परिवार रांची गया था, लेकिन वह नाबालिग बच्ची को घर पर ही बंद कर गया। पुलिस के मुताबिक, बच्ची काफी डरी हुई है और सदमे में है। 

लगाती रही गुहार, लेकिन पड़ोसी नहीं आए बचाने

बच्ची ने बताया कि, शुरुआती दो दिन तो उसने जैसे-तैसे गुजार लिए, लेकिन जब वे लोग वापस नहीं आए तब उसे डर सताने लगा। उसके सब्र का बांध टूट गया, जिसके बाद उसने पड़ोसियों से मदद की गुहार लगाई, लेकिन कोई भी आगे नहीं आया। ऐसे करते-करते छह दिन बीत गए। आखिर में बच्ची ने 1098 हेल्पलाइन पर मदद मांगी। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने घर का दरवाजा तोड़कर बच्ची को बाहर निकाला और उसकी जांच करवाई। पुलिस के मुताबिक, कुमार सौरभ का परिवार अभी रांची में ही है, उनके वापस आने के बाद पूछताछ की जाएगी और आवश्यक कार्रवाई होगी। 

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