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झारखंड : सीएम सोरेन की अपील- गर्मियों में स्कूल बसों को एंबुलेंस की तर्ज पर दी जाए प्राथमिकता

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एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Published by: देवेश शर्मा
Updated Fri, 22 Apr 2022 10:49 PM IST

सार

मुख्यमंत्री सोरेन ने अपील करते हुए कहा कि राज्य में भीषण गर्मी पड़ रही है। ऐसे में स्कूल बसों के ट्रैफिक जाम में फंसने से बच्चों को परेशानी हो सकती है। आम लोग स्कूली बसों को रास्ता देने का प्रयास करें।

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गर्मियों में स्कूली बसों को सड़क पर एंबुलेंस की तरह प्राथमिकता दी जानी चाहिए, ताकि छात्र जल्दी घर पहुंच सकें। यह कहना है झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का। मुख्यमंत्री सोरेन ने अपील करते हुए कहा कि भीषण गर्मी को देखते हुए आम लोग स्कूली बसों को रास्ता देने का प्रयास करें। सोरेन ने शुक्रवार कहा कि राज्य में भीषण गर्मी पड़ रही है। ऐसे में स्कूल बसों के ट्रैफिक जाम में फंसने से बच्चों को परेशानी हो सकती है। 

 

सरकार जल्द फैसला करेगी

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि भीषण गर्मी को देखते हुए आम लोग स्कूली बसों को रास्ता देने का प्रयास करें। डोरंडा के स्कूल के समारोह में सोरेन ने कहा कि इस समय कई जगहों पर तापमान बढ़ रहा है। ऐसे में एक स्कूल बस को एंबुलेंस के रूप में अन्य वाहनों के आगे आगे बढ़ने का अधिकार मिलना चाहिए, ताकि छोटे बच्चे जल्दी घर पहुंच सकें। इस संबंध में सरकार जल्द फैसला करेगी। ट्रैफिक पुलिस को भी मानवीय प्राथमिकता के आधार पर स्कूल बसों को वाहनों की भीड़ से बचाकर निकालने की जरूरत है।

 

चेतावनी : लू का एक और दौर शुरू हो सकता है

बता दें कि झारखंड के अधिकांश हिस्से बुधवार तक लू की चपेट में रहे हैं। मौसम विभाग के अधिकारियों ने बताया कि शुक्रवार को पिछले 24 घंटों में छिटपुट स्थानों पर हुई हल्की बारिश के कारण कई हिस्सों में पारा चार से पांच डिग्री सेल्सियस गिर गया है। वहीं, रांची मौसम विज्ञान केंद्र ने भविष्यवाणी की है कि 25 अप्रैल से गढ़वा, पलामू, चतरा, कोडरमा और गिरिडीह से लू का एक और दौर शुरू हो सकता है। 

 

स्कूलों के समय में संशोधन किया गया

मौसम अधिकारियों ने कहा कि राज्य की राजधानी रांची में शुक्रवार को अधिकतम तापमान 37.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जो 24 अप्रैल से 40 डिग्री सेल्सियस तक गर्म हो सकता है। पूरे झारखंड में गर्मी की लहर की स्थिति को देखते हुए, स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग ने हाल ही में स्कूलों के समय में संशोधन किया है। संस्थानों को सुबह छह बजे से दोपहर 12 बजे के बीच काम करने को कहा गया है।

विस्तार

गर्मियों में स्कूली बसों को सड़क पर एंबुलेंस की तरह प्राथमिकता दी जानी चाहिए, ताकि छात्र जल्दी घर पहुंच सकें। यह कहना है झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का। मुख्यमंत्री सोरेन ने अपील करते हुए कहा कि भीषण गर्मी को देखते हुए आम लोग स्कूली बसों को रास्ता देने का प्रयास करें। सोरेन ने शुक्रवार कहा कि राज्य में भीषण गर्मी पड़ रही है। ऐसे में स्कूल बसों के ट्रैफिक जाम में फंसने से बच्चों को परेशानी हो सकती है। 

 

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