जम्मू कश्मीर: श्रीनगर में आतंकियों ने गैर स्थानीय मजदूरों पर की फायरिंग, दो श्रमिक गंभीर रूप से जख्मी 

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अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर
Published by: विमल शर्मा
Updated Fri, 22 Apr 2022 08:37 PM IST

सार

आतंकियों ने अब दहशत फैलाने के लिए गैर स्थानीय श्रमिकों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। इससे पहले भी कश्मीर में दूसरे राज्यों के रहने वाले लोगों को आतंकियों के गोली का शिकार होना पड़ा है। 

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विस्तार

जिले के बाहरी क्षेत्र नौगाम में शुक्रवार की शाम को आतंकियों ने एक बार फिर दो गैर स्थानीय मजदूरों को गोली मार दी। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। सुरक्षा बलों ने इलाके की घेराबंदी कर हमलावरों की तलाश में अभियान छेड़ दिया है। अप्रैल माह के दौरान आम नागरिकों व गैर कश्मीरियों पर हमले की यह सातवीं घटना है। दोनों पश्चिम बंगाल के रहने वाले हैं। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि आतंकियों ने पश्चिम बंगाल निवासी नजमुल इस्लाम व अनीकुल इस्लाम नाम के मजदूरों को नजदीक से गोली मारी है। दोनों को तुरंत श्रीनगर के श्री महाराजा हरी सिंह (एसएमएचएस) अस्पताल रेफर किया गया।

घाटी में आम नागरिकों व गैर कश्मीरी मजदूरों को निशाना बनाने की घटना में तेजी आई

शहर में नाकेबंदी और कड़ी कर दी गई है। हाल में आतंकियों की ओर से कश्मीर घाटी में आम नागरिकों व गैर कश्मीरी मजदूरों को निशाना बनाने की घटना में तेजी आई है। तीन अप्रैल को पुलवामा के लिट्टर इलाके में पोल्ट्री वाहन के पठानकोट निवासी चालक-खलासी, पुलवामा के लोजूरा में चार अप्रैल को बिहार निवासी दो मजदूर, चार अप्रैल को ही शोपियां के छोटीगाम में कश्मीरी पंडित दवा कारोबारी बाल कृष्ण, सात अप्रैल को पुलवामा के याडर में पठानकोट निवासी एक मजदूर को आतंकियों ने गोली मारकर घायल कर दिया। 13 अप्रैल को राजपूत परिवार के एक व्यक्ति की आतंकियों ने हत्या कर दी। एक दिन बाद 15 अप्रैल को उत्तरी कश्मीर में एक सरपंच को आतंकियों ने निशाना बनाया। 22 अप्रैल को दो गैर कश्मीरी मजदूरों को निशाना बनाया गया।  

दो आतंकियों को मार गिराने के साथ ही फिदायीन हमले को नाकाम किया

इससे पहले जम्मू में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 24 अप्रैल को प्रस्तावित दौरे से दो दिन पहले जैश-ए-मोहम्मद की फिदायीन हमले की साजिश को नाकाम करते हुए सुरक्षा बलों ने सुंजवां इलाके में शुक्रवार को पाकिस्तान के दो आत्मघाती दहशतगर्द मार गिराए।आतंकियों के हमले में सीआईएसएफ काएक एएसआई शहीद हो गया, जबकि 10 जवान घायल हो गए। घायलों में सीआईएसएफ एवं पुलिस दोनों के जवान हैं। मारे गए आतंकियों से फिदायीन जैकेट बरामद किए गए हैं। साथ ही तीन एके 47 राइफल, अंडर बैरल ग्रेनेड लांचर, सेटेलाइट फोन और ग्रेनेड भी मिले हैं। खाने-पीने की सामग्री, ड्राई फ्रूट्स व इनर्जी ड्रिंक भी बरामद हुए हैं। एडीजीपी मुकेश सिंह का कहना है कि दो आतंकियों को मार गिराने के साथ ही फिदायीन हमले को नाकाम किया गया है। 

आम नागरिकों, नेता व गैर कश्मीरियों पर हमले की इस महीने सातवीं घटना

आतंकियों की ओर से दक्षिण कश्मीर में आम नागरिकों व गैर कश्मीरी मजदूरों पर इस महीने हमले की यह छठी घटना है। इसमें अब तक आठ लोगों को निशाना बनाया जा चुका है। तीन अप्रैल को पुलवामा के लिट्टर इलाके में पोल्ट्री वाहन के पठानकोट निवासी चालक-खलासी, पुलवामा के लोजूरा में चार अप्रैल को बिहार निवासी दो मजदूर, चार अप्रैल को ही शोपियां के छोटीगाम में कश्मीरी पंडित दवा कारोबारी बाल कृष्ण, सात अप्रैल को पुलवामा के याडर में पठानकोट निवासी एक मजदूर को आतंकियों ने गोली मारकर घायल कर दिया। 13 अप्रैल को राजपूत परिवार के एक व्यक्ति की आतंकियों ने हत्या कर दी। एक दिन बाद 15 अप्रैल को उत्तरी कश्मीर में एक सरपंच को आतंकियों ने निशाना बनाया। 

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