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जम्मू: एनएचएम कर्मचारियों का रोष-प्रदर्शन जारी, प्रधानमंत्री से जताई नाराजगी

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अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: kumar गुलशन कुमार
Updated Mon, 25 Apr 2022 01:59 PM IST

सार

एनएचएम कर्मचारियों ने जम्मू शहर में अपनी बहाली के लिए नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। कर्मियों ने कहा कि कोविड महामारी के दौरान उन्होंने जान जोखिम में डालकर सेवाएं दीं, लेकिन अब उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है।

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सेवाएं समाप्त करने से गुस्साए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के अनुबंध कर्मचारियों ने सोमवार को भी शहर जम्मू में रोष-प्रदर्शन किया। एनएचएम कर्मियों ने इस दौरान सेवाएं बहाल करने की मांग को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जम्मू दौरे पर तो आए लेकिन उन्होंने प्रदेश के युवाओं के लिए कोई घोषणा नहीं की।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे अपनी मांग के लिए 19 दिनों से आंदोलन कर रहे हैं। रविवार को उन्होंने प्रधानमंत्री के दौरे के दौरान सुरक्षा को लेकर एक दिन के लिए अपना प्रदर्शन नहीं किया। उन्हें उम्मीद थी कि प्रदेश की सरकार प्रधानमंत्री के सामने उनकी मांग को उजागर करेंगे और पीएम मोदी भी युवाओं के लिए कोई बड़ी घोषणा करेंगे, लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ।

कर्मियों ने कहा कि कोविड महामारी के दौरान उन्होंने जान जोखिम में डालकर सेवाएं दीं। देश में कोविड का फिर से प्रसार हो रहा है, ऐसे में बेहतर रोगी चिकित्सा देखभाल के लिए उनकी सेवाओं को बहाल किया जाए। इससे विभिन्न चिकित्सा शाखाओं में स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत होंगी और लोगों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। 

विस्तार

सेवाएं समाप्त करने से गुस्साए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के अनुबंध कर्मचारियों ने सोमवार को भी शहर जम्मू में रोष-प्रदर्शन किया। एनएचएम कर्मियों ने इस दौरान सेवाएं बहाल करने की मांग को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जम्मू दौरे पर तो आए लेकिन उन्होंने प्रदेश के युवाओं के लिए कोई घोषणा नहीं की।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे अपनी मांग के लिए 19 दिनों से आंदोलन कर रहे हैं। रविवार को उन्होंने प्रधानमंत्री के दौरे के दौरान सुरक्षा को लेकर एक दिन के लिए अपना प्रदर्शन नहीं किया। उन्हें उम्मीद थी कि प्रदेश की सरकार प्रधानमंत्री के सामने उनकी मांग को उजागर करेंगे और पीएम मोदी भी युवाओं के लिए कोई बड़ी घोषणा करेंगे, लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ।

कर्मियों ने कहा कि कोविड महामारी के दौरान उन्होंने जान जोखिम में डालकर सेवाएं दीं। देश में कोविड का फिर से प्रसार हो रहा है, ऐसे में बेहतर रोगी चिकित्सा देखभाल के लिए उनकी सेवाओं को बहाल किया जाए। इससे विभिन्न चिकित्सा शाखाओं में स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत होंगी और लोगों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। 

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