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उपराज्यपाल बोले: बिजली क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनेगा जम्मू-कश्मीर, दरबार मूव की प्रथा खत्म कर नागरिक सचिवालयों में ई-कार्यालय स्थापित 

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अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: विमल शर्मा
Updated Mon, 25 Apr 2022 03:30 AM IST

सार

उपराज्यपाल ने पल्ली में राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस पर जम्मू कश्मीर प्रशासन की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्रदेश एक नए युग की दहलीज पर खड़ा है। प्रदेश में पहली बार पंचायती राज व्यवस्था को लाकर समावेशी विकास बढ़ाया गया है। जनभागीदारी हमारी ताकत है। 

पीएम को बसोहली पेंटिंग भेंट करते एलजी सिन्हा

पीएम को बसोहली पेंटिंग भेंट करते एलजी सिन्हा
– फोटो : अमर उजाला

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विस्तार

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि अगले कुछ वर्षों में बिजली क्षेत्र में जम्मू-कश्मीर आत्मनिर्भर बनेगा। पिछले 70 वर्ष में प्रदेश की 3500 मेगावाट क्षमता थी, जो चार वर्षों में दोगुनी की जाएगी। एमवीए ट्रांसमिशन की क्षमता को पिछले दो वर्ष में बढ़ाकर दोगुना कर दिया गया है। जम्मू-कश्मीर में दरबार मूव की प्रथा को खत्म करते हुए नागरिक सचिवालय जम्मू और श्रीनगर में ई-कार्यालय स्थापित किया गया है। उपराज्यपाल ने रविवार को पल्ली में राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस पर जम्मू कश्मीर प्रशासन की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। 

जम्मू-कश्मीर पिछले 70 वर्षों से एक विधान एक निशान का सपना देख रहा था

उपराज्यपाल ने कहा कि जम्मू-कश्मीर पिछले 70 वर्षों से एक विधान एक निशान का सपना देख रहा था जिसे प्रधानमंत्री के नेतृत्व में पूरा करते हुए लोगों को प्रगति का भागीदार बनाया गया है। जम्मू-कश्मीर एक नए युग की दहलीज पर खड़ा है। प्रदेश में पहली बार पंचायती राज व्यवस्था को लाकर समावेशी विकास बढ़ाया गया है। जनभागीदारी हमारी ताकत है। पंचायती नुमाइदों के परामर्श के बाद 22126 करोड़ रुपये का जिला पंजीगत बजट बनाया गया है, जो पहले 5 हजार 136 करोड़ और पिछले वर्ष 12600 करोड़ था। जम्मू-कश्मीर में औद्योगिक स्वर्ण युग लाया गया है।

38 हजार करोड़ रुपये की ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी हुई

आजादी के बाद से औद्योगिक क्षेत्र में 17 हजार करोड़ रुपये का निवेश आया था, लेकिन अब 52 हजार करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव आए हैं। प्रधानमंत्री के कर कमलों से 38 हजार करोड़ रुपये की ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी हुई है। आगामी छह माह में यह आंकड़ा 70 हजार करोड़ तक जाएगा। तब तक हम जम्मू-कश्मीर के 7-8 लाख युवाओं को रोजगार देने में समर्थ होंगे। कारोबारी सुगमता के तहत 253 सेवाओं को ऑनलाइन और 180 को सिंगल विंडो पर लाया गया है। पिछले साल रिकॉर्ड परियोजनाएं पूरी की गई हैं।

कश्मीर से कन्याकुमारी तक रेल संपर्क जोड़ दिया जाएगा

आज गांव में रहने वाला व्यक्ति भी अपने इलाके की परियोजना की प्रगति और स्थिति की निगरानी कर सकता है। एक लाख करोड़ रुपये के सड़क और टनल के काम चल रहे हैं। पहले हर साल 15 सौ किमी सड़क बनाई जाती थी जिसकी क्षमता अब 3 हजार तक कर दी गई है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में जम्मू-कश्मीर 12वें स्थान से 3वें स्थान पर आया है। आने वाले वर्षों में कश्मीर से कन्याकुमारी तक रेल संपर्क जोड़ दिया जाएगा। जम्मू और श्रीनगर एयरपोर्ट का विस्तार करके विमानों का परिचालन बढ़ाया गया है।

12 हजार लोगों को नौकरी दी गई है

15 से 18 आयु वर्ग के टीकाकरण में जम्मू-कश्मीर दूसरे स्थान पर है। स्वास्थ्य क्षेत्र में अभूतपूर्व विस्तार किया गया है। आयुष्मान सेहत योजना के तहत लोगों को पांच लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा दिया जा रहा है। 12 हजार लोगों को नौकरी दी गई है और नौ हजार से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है। मिशन यूथ में 1 लाख 40 हजार युवाओं को तैयार किया गया। कालीन व्यापार को बढ़ावा दिया गया है। जीआई टैगिंग से अगले पांच वर्षों में इस क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन किया जाएगा। आपकी जमीन आपकी निगरानी व्यवस्था को लागू किया गया है। वाघा बॉर्डर की तर्ज पर सुचेतगढ़ में रिट्रीट सेरेमनी शुरूकी गई है।

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